रसायनिक खादों और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों को समझकर किसान अब जैविक खेती (Organic Farming) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं इससे मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता सुधरने के साथ-साथ पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है|
जैविक खेती के मुख्य लाभलागत में कमी: रसायनों पर निर्भरता खत्म होने से खेती की लागत कम होती
भूमि की सेहत में सुधार: गोबर की खाद, हरी खाद और फसल चक्र से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता सालों-साल बढ़ती है अधिक मुनाफा: प्रमाणित जैविक उत्पादों की बाजार में भारी मांग है, जिससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य (Premium Price) मिलता है。किसान कैसे अपना रहे हैं यह बदलाव?
प्राकृतिक कीटनाशक: रासायनिक दवाओं की जगह नीम के अर्क, गोमूत्र और छाछ का उपयोग जैविक खाद निर्माण: खेतों में केंचुआ खाद (Vermicompost) और कम्पोस्ट तैयार करना पारंपरिक बीज: हाइब्रिड के बजाय देसी बीजों को बढ़ावा |
सरकार और संस्थाओं का सहयोगपरंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY): इसके तहत सरकार किसानों को जैविक खेती के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण देती है स्थानीय प्रेरणा: मध्य प्रदेश (जैसे बुरहानपुर) सहित कई राज्यों में हजारों किसान सफलतापूर्वक जैविक खेती अपना रहे हैं|














































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