आज के समय में हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है बल्कि युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है。स्वास्थ्य मंत्रालय और कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, खराब जीवनशैली, तनाव, कोविड-19 के बाद की जटिलताओं और डायबिटीज-मोटापे के बढ़ते मामलों (विशेषकर भारत में) के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है
हार्ट अटैक के मामलों में इस खतरनाक उछाल के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:खराब खान-पान (Poor Diet): जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, और अत्यधिक मीठे या तले हुए भोजन का सेवन धमनियों में ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाता है, जिससे ब्लॉकेज होती है
तनाव और खराब नींद (Stress & Sleep Deprivation): आज की कॉर्पोरेट जीवनशैली, काम का दबाव, और नींद की कमी शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ (Cortisol) हार्मोन का स्तर बढ़ा देती है, जो ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन पर सीधा असर डालता है
शारीरिक सक्रियता की कमी (Sedentary Lifestyle): लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने (Desk Jobs) और व्यायाम न करने से मोटापा और डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो दिल के रोगों के सबसे बड़े कारक है
नशे की आदत (Smoking & Vaping): सिगरेट, तंबाकू और आजकल युवाओं में ‘वेपिंग’ (Vaping) का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें मौजूद निकोटीन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है और खून के थक्के (Blood Clots) जमने का खतरा पैदा करता है
छिपे हुए कारण (Hidden Factors): अत्यधिक जिम में अचानक भारी वर्कआउट करना, बढ़ते वायु प्रदूषण (PM2.5) के कणों का फेफड़ों और खून में पहुंचना, और कोविड-19 के बाद शरीर में रह जाने वाली सूजन (inflammation) भी इसके प्रमुख कारण हैं
इसके अलावा, भारतीयों में आनुवांशिक (Genetic) रूप से दिल की बीमारियों का खतरा पश्चिमी देशों के अधिक होता है













































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