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    Madhya-Pradesh

    एमपी में नया संभाग और 3 नए जिले बनाने की तैयारी, बदलने जा रहा नक्शा, जानिए 11वा संभाग कौनसा – MP News

    Mp News: मध्य प्रदेश का आंतरिक नक्शा बदलने जा रहा है, यानी एक बार फिर से प्रदेश के जिलों और संभागों की सीमाएं नए सिरे से तय होंगी। इस बार 3 नए जिले और एक नया संभाग बनाने की तैयारी है। कुछ नई तहसीलें बनाने और कुछ तहसीलों को दूसरे जिलों में शामिल करने का भी प्रस्ताव है। सतना जिले की चित्रकूट तहसील 24 नवंबर को अस्तित्व में आ जाएगी। इसका नोटिफिकेशन हो चुका है। दरअसल, इसी साल सितंबर में सरकार ने प्रदेश के संभागों, जिलों और तहसीलों के नए सिरे से सीमांकन के लिए प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शुक्ला इसके सदस्य हैं। पुनर्गठन आयोग भोपाल, सागर और ग्वालियर संभाग के जिलों के कलेक्टरों के साथ बैठक कर चुका है। बाकी संभागों की बैठकें भी इसी महीने होंगी। इसके बाद आयोग जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। मंडे स्टोरी में पढ़िए, कौन से नए जिले और संभाग बनाने की तैयारी है…

    वर्तमान में एमपी का ढांचा – MP News

    संभाग – 10 जिले – 55 तहसील – 428

    संभाग, जिले और तहसील की सीमा बदलने के मानदंड

    मुख्य आधार भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और जनता की मांग है

    भौगोलिक स्थिति: जो तहसीलें जिला मुख्यालय से दूर हैं, वे दूसरे जिले की सीमाओं से सटी हुई हैं।

    जनसंख्या: जिले की जनसंख्या के आधार पर नई तहसीलों का गठन।

    जनता की मांग: अगर जनता नए जिले या तहसील की मांग कर रही है, तो उसकी जांच की जाती है।

    पिपरिया बन सकता है जिला

    नर्मदापुरम से अलग होकर पिपरिया जिला बन सकता है। पिपरिया नर्मदापुरम जिले में आता है। जिला मुख्यालय से पिपरिया की दूरी करीब 70 किमी है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां पहुंचने में करीब 2 घंटे का समय लगता है। पिपरिया को जिला बनाने की मांग कई सालों से चल रही है। पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। पिपरिया को नया जिला बनाने का प्रस्ताव है।

    संभागीय सीमाओं में हो सकता है बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग में सिर्फ तीन जिले हैं, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल। नरसिंहपुर जिले की सीमा इससे लगती है। वर्तमान में नरसिंहपुर का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। नरसिंहपुर जिले को नर्मदापुरम संभाग में शामिल किया जा सकता है।

    वर्तमान में जबलपुर संभाग में 9 जिले हैं, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्ना। इसी तरह शहडोल में तीन जिले हैं- शहडोल, उमरिया और अनूपपुर, डिंडोरी जिला शहडोल से सटा हुआ है। इसे जबलपुर संभाग से अलग कर शहडोल में मिलाया जा सकता है।

    निमाड़ बन सकता है प्रदेश का 11वां संभाग

    निमाड़ को संभागीय मुख्यालय बनाने की तैयारी है। 12 साल पहले 2012 में निमाड़ को संभाग बनाने की मांग उठी थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने खरगोन जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा था। खरगोन के तत्कालीन कलेक्टर अशोक वर्मा ने सितंबर 2016 में प्रस्ताव बनाकर भेजा था लेकिन कुछ संशोधनों का हवाला देकर इसे वापस कर दिया गया था। इसके बाद फिर से नया प्रस्ताव शासन को भेजा गया।

    3 जिले 1 संभाग बनाने की तैयारी

    अब आयोग इस दिशा में आगे बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जनवरी 2024 को इंदौर संभाग के खरगोन में पहली समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में निमाड़ को अलग संभाग बनाने की बात हुई थी, क्योंकि इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा संभाग है। इसमें 8 जिले हैं। ऐसे में इसके 4 जिलों खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर और खंडवा को मिलाकर नया संभाग बनाने पर विचार किया गया। जानकारों का कहना है कि निमाड़ को नया संभाग बनाने से खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा की राजस्व निगरानी और अपील संबंधी सुनवाई खरगोन में ही हो सकेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा दूरी कम होने से होगा। चारों जिलों के अफसरों को अपील और संभागीय बैठकों के लिए इंदौर भी नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही प्रशासनिक कसावट भी आएगी।

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