शेयर बाजार और महंगाई (Inflation) एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। बढ़ती महंगाई का सीधा असर महंगाई के मुनाफे और आपकी क्रय शक्ति पर पड़ता है, जो अंततः शेयर बाजार की दिशा तय करता है|
महंगाई क्या है और यह कैसे काम करती है?
जब बाजार में चीजों और सेवाओं के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तो मुद्रास्फीति (Inflation) होती है। इससे आम आदमी के पैसे की ‘असली कीमत’ (Purchasing power) कम हो जाती है, यानी उतने ही पैसों में अब कम चीजें खरीदी जा सकती हैं|
महंगाई का शेयर बाजार पर असर
ब्याज दरें (Interest Rates): महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक अक्सर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं。 इससे कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे उनका मुनाफा घटता है|
मुनाफे पर दबाव: कच्चे माल और परिवहन की लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च बढ़ जाता है। अगर कंपनियां यह बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों पर नहीं डाल पातीं, तो उनके शेयर की कीमत गिर सकती है|
निवेश का ट्रेंड: अधिक महंगाई के दौरान सोने और रियल एस्टेट जैसे साधनों को सुरक्षित माना जाता है। वहीं, इक्विटी (शेयर) मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (Volatility) आ सकती है|
महंगाई के दौरान किन शेयरों में असर पड़ता है?
ग्रोथ स्टॉक्स (Growth Stocks): इन कंपनियों के कैश-फ्लो भविष्य पर निर्भर करते हैं। महंगाई बढ़ने पर इन पर नकारात्मक असर पड़ता शेयर बाजार और महंगाई (Inflation) एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
वैल्यू स्टॉक्स (Value Stocks): ये वे स्थापित कंपनियां होती हैं जो महंगाई के अनुसार अपने उत्पाद के दाम बढ़ा सकती हैं। ये शेयर मुद्रास्फीति के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं|

















































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