Thursday , 13 August 2026
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    ऑटोमेशन से नौकरी जाने का संकट:

    The crisis of job losses due to automation:

    बदलती तकनीक के दौर में कैसे बदल रही है रोजगार की तस्वीर?

    REWA TODAY DESK : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन तकनीकों के तेजी से बढ़ते उपयोग ने दुनिया भर में रोजगार के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है और धीरे धीरे नौकरिया भी समाप्त हो रही है क्योकि अब अत्यधिक कार्य मशीनों और अप्प्स के द्वारा पूर्ण किये जाने लगे । जहां एक ओर ऑटोमेशन से उद्योगों की उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कई पारंपरिक नौकरियों पर इसका प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नौकरियों का स्वरूप बदलेगा और नई तकनीकी कौशल की मांग बढ़ेगी।

    क्या है ऑटोमेशन?

    ऑटोमेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें मशीनों, सॉफ्टवेयर, रोबोट और AI की मदद से ऐसे कार्य किए जाते हैं जिन्हें पहले इंसान करते थे। इसका उद्देश्य कार्य को तेज, सटीक और कम लागत में पूरा करना है। कार्य समय से पहले ही पूर्ण हो जाता है

    किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?

    विशेषज्ञों के अनुसार कुछ दोहराए जाने वाले (Routine) कार्यों में ऑटोमेशन का प्रभाव अधिक देखा जा सकता है, जैसे—

    • मैन्युफैक्चरिंग और फैक्ट्री कार्य
    • डेटा एंट्री और प्रशासनिक कार्य
    • बैंकिंग और ग्राहक सेवा के कुछ कार्य
    • वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स
    • रिटेल और कैशियर से जुड़े कुछ कार्य

    हालांकि, प्रभाव उद्योग, तकनीक और कार्य की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

    क्या सभी नौकरियां खत्म हो जाएंगी?

    नहीं। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेशन कुछ प्रकार के कार्यों को बदल सकता है, लेकिन इसके साथ ही नई भूमिकाएं और रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। AI, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ने की संभावना है।

    युवाओं के लिए क्या है चुनौती?

    • नई तकनीकों को सीखने की आवश्यकता।
    • लगातार कौशल (Upskilling) और री-स्किलिंग (Reskilling) करना।
    • डिजिटल और तकनीकी ज्ञान बढ़ाना।
    • बदलते रोजगार बाजार के अनुसार खुद को तैयार करना।

    ऑटोमेशन के फायदे

    • कार्य की गति और सटीकता में वृद्धि।
    • उत्पादन लागत में कमी।
    • खतरनाक कार्यों में मानव जोखिम कम होना।
    • उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ना।
    • नई तकनीकी नौकरियों का सृजन।

    सरकार और उद्योग की भूमिका

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को मिलकर कौशल विकास कार्यक्रमों, डिजिटल शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि कार्यबल बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार हो सके।

    ऑटोमेशन को केवल नौकरी खत्म करने वाली तकनीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे रोजगार के बदलते स्वरूप के रूप में समझना जरूरी है। जो लोग नई तकनीकों को सीखेंगे और अपने कौशल को समय के साथ विकसित करेंगे, उनके लिए भविष्य में नए अवसर बनने की संभावना अधिक होगी।

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