एमपीआरडीसी पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश—समय पर शव नहीं हटाने से बढ़ा खतरा
रीवा जिले में रीवा-प्रयागराज नेशनल हाईवे (NH-30) पर एक बड़ी लापरवाही के चलते दिनभर में तीन सड़क हादसे हो गए। इन हादसों की वजह सुबह से सड़क पर पड़ी एक मृत गाय बनी, जिसे समय पर नहीं हटाया गया।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
जिला मुख्यालय रीवा से लगभग 60 किलोमीटर दूर गढ़ थाना क्षेत्र के धारा विभा के पास नेशनल हाईवे-30 पर सुबह एक अज्ञात वाहन की टक्कर से गाय की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना सड़क देखभाल करने वाली संस्था एमपीआरडीसी को दी, लेकिन आरोप है कि संस्था ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एक के बाद एक तीन हादसे
गाय का शव सड़क पर पड़े रहने की वजह से दिनभर में तीन अलग-अलग वाहन उससे टकरा गए। सबसे गंभीर हादसा मोटरसाइकिल (MP17 MU 9538) सवार पवन साकेत और रितेश साकेत के साथ हुआ, जो बुरी तरह घायल हो गए।
दोनों घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने हटवाया शव
लगातार हो रहे हादसों की सूचना मिलने पर गढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से सड़क से गाय के शव को हटवाया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश
लगातार तीन हादसों के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का आरोप है कि यदि एमपीआरडीसी समय पर कार्रवाई करती तो ये हादसे टाले जा सकते थे।
ग्रामीणों ने सड़क रखरखाव करने वाली संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठाई है।
स्थानीय नागरिकों का बयान
“सुबह से ही गाय सड़क पर पड़ी थी, हमने कई बार सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय पर हटाया जाता तो इतने बड़े हादसे नहीं होते।”
बड़ा सवाल
- क्या हाईवे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही हुई?
- क्या एमपीआरडीसी के खिलाफ कार्रवाई होगी?
रीवा-प्रयागराज हाईवे पर हुआ यह मामला प्रशासन और सड़क प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है। समय पर कार्रवाई न होने की वजह से तीन बड़े हादसे हुए, जिसमें लोगों की जान खतरे में पड़ गई। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
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