5.5 लाख बच्चों के नामांकन का लक्ष्य, मऊगंज प्रदेश में नंबर-1
रीवा। मध्यप्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत नए शैक्षणिक सत्र की जोरदार शुरुआत हुई। रीवा जिले में भी “सब मेरे साथी चले, चले स्कूल की ओर” थीम के साथ प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस अभियान का मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए।
रीवा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
रीवा में जिला स्तरीय कार्यक्रम ऐतिहासिक सुदर्शन कुमारी कन्या विद्यालय में आयोजित किया गया, जो बालिकाओं के लिए आरक्षित प्रमुख स्कूलों में से एक है। इस मौके पर नवप्रवेशी छात्रों और उनके अभिभावकों का फूल-माला, गुलदस्ता, टीका और पुस्तकों के साथ स्वागत किया गया।
5.5 लाख बच्चों के नामांकन का लक्ष्य
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष बड़े स्तर पर नामांकन का लक्ष्य तय किया है:
- रीवा जिले में लगभग 3.5 लाख बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने का लक्ष्य
- मऊगंज जिले में करीब 2 लाख बच्चों का नामांकन लक्ष्य
- दोनों जिलों को मिलाकर कुल 5.5 लाख बच्चों के प्रवेश की तैयारी
नामांकन के मामले में मऊगंज जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जबकि रीवा तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
बच्चों को मिलेंगी ये सुविधाएं
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए सरकार की ओर से कई सुविधाएं दी जाएंगी, जैसे:
- निःशुल्क ड्रेस और किताबें
- साइकिल और स्कूटी (योग्य छात्रों को)
- लैपटॉप जैसी डिजिटल सुविधाएं
उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ नामांकन नहीं, बल्कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल से जोड़ना भी है।
शिक्षा विभाग की खास पहल
स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षा विभाग घर-घर संपर्क कर बच्चों को स्कूल लाने का प्रयास कर रहा है। हाल ही में अलग बने मऊगंज जिले की बेहतर रैंकिंग इस बात का संकेत है कि शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
रीवा और मऊगंज में बड़े पैमाने पर चल रहा यह प्रवेश उत्सव शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यदि तय लक्ष्य पूरा होता है, तो यह दोनों जिलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।



















































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