साहस एवं राष्ट्रसेवा के लिए शौर्य चक्र
Rewa Today Desk : रीवा के लाल संजय तिवारी पिता संस्कृत लाल तिवारी निवासी ग्राम दिल्ली थाना बैकुंठपुर राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित होने के बाद पहली बार रीवा पहुंचे रेलवे स्टेशन से लेकर घर तक उनका हुआ जोरदार स्वागत, कमांडो संजय तिवारी को उनके साहस शौर्य के लिए राष्ट्रपति ने 8 जून को रक्षा अलंकरण समारोह में शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। संजय तिवारी ने 2011 में सीआरपीएफ ज्वाइन की थी 2020 के बाद ज्यादातर समय कश्मीर में ही बिताया। कई आतंकवादी घटनाओं को रोकने में कामयाब रहे।रीवा के डेल्ही बैकुंठपुर निवासी संजय तिवारी जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ कमांडो हैं।
जिन्हें राष्ट्र की सेवा में प्रदर्शित अदम्य साहस,वीरता एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित अलंकरण समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत के तीसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता अलंकरण सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया। शौर्य चक्र भारत के उन सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों में से एक है, जो असाधारण साहस एवं वीरता के लिए प्रदान किया जाता है। यह गौरवपूर्ण सम्मान न केवल सैनिक परिवार एवं विभाग, बल्कि सम्पूर्ण विंध्य क्षेत्र के साथ ही मध्य प्रदेश तथा राष्ट्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
कैसे मारा आतंकवादी को
2 नवंबर 2024 को रात लगभग 2:30 बजे जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में सीआरपीएफ को सूचना मिली एक मकान में उस्मान लाहोरी नामक आतंकवादी छिपा हुआ है। जिसके चलते सेना ने इलाके को घेर लिया, उस्मान लाहौरी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, बदले में उस्मान ने फायर खोल दिया संजय तिवारी अपनी टीम को लीड कर रहे थे अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे सेना ने भी जवाबी फायर किया, कुछ देर बाद आतंकवादी की तरफ से गोली चलना बंद हो गई, सेना ने मान लिया कि आतंकवादी मारा गया, उसकी तलाश में संजय तिवारी मकान के अंदर बने कमरे में गए, जैसे ही संजय कमरे में पहुंचे उस्मान जिंदा था,

उसने संजय पर फायर खोल दिया, संजय के गर्दन, पेट के नीचे, और जंघ में उस्मान की गोली लग गई, संजय के हाथ में भी गन थी। आमने-सामने फायरिंग शुरू हो गई संजय के शरीर में तीन गोलियां लगी थीं, बदले में संजय ने भी उस्मान के ऊपर फायर किया, सटीक निशाना नतीजा उस्मान वही ढेर हो गया। संजय बुरी तरीके से घायल हो गए। अब इलाज के बाद वह पूरी तरीके से स्वस्थ है। संजय को इसी बहादुर शौर्य के लिए 8 जून 2026 को रक्षा अलंकरण समारोह शौर्य चक्र से सम्मानित किया, देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने। संजय पूरे प्रदेश के इकलौते सैनिक हैं, जिन्हें यह सम्मान इस वर्ष राष्ट्रपति के हाथों मिला है।
यह परिवार का नहीं, रीवा का प्रदेश का सम्मान है
यह सम्मान मिलने पर पूरा परिवार बेहद प्रसन्न है। संजय कहते हैं, यह हमारे परिवार का सम्मान नहीं है, यह हमारे शहर का,हमारे प्रदेश का, सम्मान है। मेजर सुशील कुमार द्विवेदी व डाॅ. कमल शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम,समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देती रहेगी।



















































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