रीवा। शहर में अतिक्रमण हटाने और निर्धारित समय के बाद दुकानों को बंद कराने के नाम पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती अक्सर छोटे व्यापारियों पर दिखाई देती है। लेकिन जय स्तंभ चौराहे पर संचालित ‘वैष्णो फ्रूट’ नामक फल एवं फ्रूट स्टॉल के लगातार 24 घंटे संचालित रहने और सड़क पर अतिक्रमण करने के आरोप ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि वैष्णो फ्रूट द्वारा चौराहे की दोनों तरफ व्यापक अतिक्रमण किया गया है, जिससे पैदल चलने और वाहनों के आवागमन में भी परेशानी होती है। अनधिकृत तरीके से स्टॉल पर रातभर पानी की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, डिस्पोजेबल सामग्री, राजश्री और गुटखा जैसे उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। जबकि शहर के अन्य छोटे दुकानदारों के लिए समय-सीमा और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है, इसके विपरीत इस प्रतिष्ठान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठता दिख रहा है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे खास सवाल
स्थानीय लोग और छोटे व्यापारी पूछ रहे हैं कि अगर नियम और कानून सभी के लिए समान हैं तो वैष्णो फ्रूट को रात भर खुला रखने की अनुमति क्यों मिल रही है। कई बार पुलिस गश्त वाली गाड़ियां भी वहीं से गुजरती हैं; फिर भी इस स्टॉल पर अतिक्रमण रुकता क्यों नहीं? दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासनिक शिथिलता या किसी प्रकार की विशेष छूट के कारण वैष्णो फ्रूट पर कार्रवाई नहीं होती।
छोटे व्यापारियों में आक्रोश
अधिकारी कार्रवाई करने में असमर्थ दिखने पर छोटे व्यापारियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि नियम पालन कर रहे व्यवसायों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि अतिक्रमण हटाया जा सकता है और समय-सीमा लागू की जा सकती है, तो वह सब जगह समान रूप से लागू होनी चाहिए।
क्या कहता है प्रशासन?
रीवा पुलिस व नगर निगम की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई है। परंपरागत रूप से अतिक्रमण हटाने और दुकानें बंद कराने की कार्रवाई पर अधिकारियों का कहना होता है कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों की बढ़ती नाराजगी के बीच यह प्रश्न बना हुआ है कि क्या प्रशासन इस मामले में भी त्वरित और पारदर्शी कदम उठाएगा।



















































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