संजय गांधी अस्पताल की ओपीडी 3000 के पार, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
रीवा। बारिश का मौसम शुरू होते ही मध्य प्रदेश के रीवा जिले में डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है। अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन 3,000 से अधिक मरीजों तक पहुंच गई है। इनमें बड़ी संख्या बारिश के मौसम में होने वाली स्किन संबंधी समस्याओं और डेंगू से प्रभावित मरीजों की बताई जा रही है।
मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों के अनुसार डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। इसलिए घर और आसपास कूलर, गमलों, टंकियों, बाल्टियों या अन्य बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
डेंगू से बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से बचने के लिए सतर्कता सबसे बड़ा उपाय है। लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए, शरीर पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट लगाना चाहिए और घर के आसपास नियमित सफाई रखनी चाहिए।
यदि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी या अन्य डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
डेंगू होने पर क्या करें?
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में डेंगू का संक्रमण लगभग एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है, लेकिन लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। मरीज को समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराकर प्लेटलेट्स की निगरानी करनी चाहिए।
यदि प्लेटलेट्स तेजी से घट रहे हों, शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दें, मल या पेशाब में खून आए, लगातार उल्टी हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उपचार कराना चाहिए। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
क्या डेंगू की दवा या वैक्सीन उपलब्ध है?
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल डेंगू का उपचार मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है और बचाव सबसे प्रभावी उपाय है। डेंगू की रोकथाम और उपचार से जुड़े नए अनुसंधान लगातार जारी हैं, लेकिन आम लोगों को किसी भी नई दवा या वैक्सीन को लेकर केवल सरकारी स्वास्थ्य विभाग या विशेषज्ञ डॉक्टरों की आधिकारिक सलाह पर ही भरोसा करना चाहिए।
डेंगू से बचाव के आसान उपाय
- घर और आसपास कहीं भी साफ पानी जमा न होने दें।
- कूलर, गमले और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
- मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- तेज बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें।
बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से बचा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे साफ-सफाई बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें



















































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