परिसर खाली कराने के दिए निर्देश
रीवा। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने गुरुवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) का अचानक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं और कथित दलाली पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद अनधिकृत व्यक्तियों और वेंडर्स पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने उन्हें तत्काल बाहर करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदार को परिसर खाली कराकर व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश भी दिए।
शिकायतों के बाद हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से अनधिकृत लोगों की आवाजाही, दलाली, अवैध वसूली और आम नागरिकों को परेशान किए जाने की शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं। आरटीओ कर्मचारियों की ओर से भी कार्यालय परिसर में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप की शिकायत कलेक्टर से की गई थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बिना पूर्व सूचना के कार्यालय का निरीक्षण किया।
अनधिकृत लोगों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर में वर्षों से जमे अनधिकृत वेंडर्स और कथित दलालों की मौजूदगी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर ही संबंधित लोगों को फटकार लगाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीओ परिसर को तत्काल खाली कराया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालय में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर का जायजा लेते हुए अधिकारियों को बेहतर पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि परिसर को व्यवस्थित बनाकर आम नागरिकों को सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
महिलाओं से अभद्र व्यवहार की भी मिली थीं शिकायतें
प्रशासन को यह शिकायतें भी मिली थीं कि आरटीओ कार्यालय परिसर में कुछ बाहरी लोग आम नागरिकों से पैसों की मांग करते हैं और कई मामलों में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीओ परिसर में केवल अधिकृत कर्मचारियों और निर्धारित व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए। साथ ही आम लोगों को बिना किसी बिचौलिये के पारदर्शी, सुरक्षित और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा न आने सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद आरटीओ कार्यालय में हड़कंप की स्थिति रही और प्रशासनिक अमला व्यवस्था सुधारने में जुट गया।



















































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