उनके अनुसार अनाथालय की जमीन में बने थे उनके बारात घर, प्रशासन की नजरों में जमीन सरकारी थी, अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन ने दोनों बारात घर तोड़ दिए
रीवा में आज अतिक्रमण को लेकर एक बड़ी कार्यवाही जिला प्रशासन ने की, बारतघर संचालकों के अनुसार अनाथालय की जमीन में लंबे समय से बने हुए थे उनके बारात घर, वही जिला प्रशासन इसे सरकारी जमीन मान रहा था, उसके अनुसार शहर के बीचो-बीच इस सरकारी जमीन का बेहतर सदुपयोग हो सकता है। वजह चाहे जो भी हो गलती चाहे जिसकी भी हो,दो बारात घर पूरी तरीके तोड़ दिए गए।

बारात घर संचालकों का कहना है, उनके पास सरकारी अनुमति के सभी जरूरी कागजात थे, फिर चाहे फायर एनओसी हो या फिर नगर निगम का टैक्स हो, नगर निगम से पूरी अनुमति थी, उन्हें समान तक हटाने का मौका नहीं दिया गया, रात को 8:00 बजे नोटिस दी गई,सुबह 8:00 बजे 6 से 7 जेसीबी लगाकर उनके बारात घर को तोड़ दिया गया।

वहीं जिला प्रशासन का कहना है, आज हमने जिस जमीन को खाली कराया है,812 नंबर की सरकारी जमीन है, 2.67 हेक्टेयर के आसपास जमीन है,लंबे समय से कब्जा था, पूर्व के तहसीलदार एसडीएम ने भी इस जमीन का निरीक्षण किया था, जिसे आज हमने खाली कर लिया है।

खाली कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड रुपए के आसपास मानी जा रही है। शहर के बीचो-बीच है, ठीक सामने रीवा का श्याम शाह मेडिकल कॉलेज है, बगल में 1400 बिस्तरों का संजय गांधी अस्पताल है।इसे किसी जमाने में अनाथालय की जमीन माना जाता था, इसे उज्जैनीय अनाथालय के नाम से जाना जाता था। बारात घर संचालक इसी भ्रम में थे, उन्होंने अनाथालय ट्रस्ट से जमीन किराए पर ले ली, और अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी बारात घर में लगा दी।
बदलते वक्त के साथ अनाथालय की जमीन में बहुत सारे लोग काबिज हो गए, कुछ ने पक्के मकान बना लिए, तो किसी ने स्कूल खोल लिया, खाली जमीन पर अनाथालय के जिम्मेदारों ने दो बारात घर को किराए पर जमीन दे दी। स्कूल को दे दी, उन्होंने अपने पैसे लगाकर यहां पर बारात घर बना लिया, स्कूल खोल लिया,एक बारात घर संचालक ने करीबन 20 लाख रुपए लगाये तो दूसरे ने 60 से 70 लाख रुपए बाजार से कर्ज लेकर लगा दिए, यह सोचकर लंबे समय तक बारात घर चलेगा।

उन्हें क्या मालूम था जल्दी ही उनका पैसा डूबने वाला है। रीवा जिला प्रशासन ने जमीन के बारे में पड़ताल की पता चला यह जमीन सरकारी है। अधिकारियों ने सर्वे किया, इतनी बड़ी जमीन रीवा शहर में दूसरी कहीं नहीं है, बस फिर क्या था बारात घर को रात को नोटिस दी गई आपका बारात घर सरकारी जमीन में बना है तत्काल खाली करिए, वहीं सुबह 7 से 8 जेसीबी मशीन लगाकर दोनों के दोनों बारात घर को पूरी तरीके से तोड़ दिया गया।
वही स्कूल संचालक को 3 दिन का समय दिया गया है। खाली कराई गई जमीन लगभग 2.67 हेक्टेयर 6 से 7 एकड़ के बीच है। बारात घर संचालक बेहद परेशान, बाजार का कर्ज़ अक्टूबर नवंबर की बुकिंग, उनके समझ में ही नहीं आ रहा क्या करें क्या ना करें।



















































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