,930 सीसी नशीली कर कफ सिरप 1,70,000 नगद बरामद
रीवा में पति-पत्नी मिलकर लंबे समय से अवैध नशे का व्यापार कर रहे थे, दोनों नशीली कफ सिरप बेच रहे थे, पुलिस ने मुखबिर की सूचना के बाद उनके घर में छापा मारते हुए लगभग 930 सीसी नशीली कफ सिरप बरामद करने में सफलता पाई है।

इन्होंने इस कफ सिरप को पांच बोरी में छुपा कर रखा था। घर की तलाशी लेने पर पुलिस को 1 लाख 70 हजार रुपए नगद मिले हैं, पुलिस ने इसको भी जप्त कर लिया है, पुलिस मान कर चल रही है, यह पैसे अवैध कारोबार से कमाये गए हैं।

यह मामला रीवा के विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत झांझर कॉलोनी का है, जहां पर पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी, यहां पर किराए का कमरा लेकर रहने वाले विनय दीपांकर और पलक पांडे जो आपस में पति-पत्नी है, अवैध नशीली कफ सिरप का कारोबार लंबे समय से कर रहे हैं।

मुखबिर के पुख्ता सूचना के बाद विश्वविद्यालय पुलिस ने झांझर कॉलोनी में उनके घर पर छापे मार कार्यवाही की, घर के अंदर पुलिस को पांच बोरियों में रखी हुई 930 सीसी नशीली कफ सिरप बरामद करने में सफलता मिली है। पुलिस ने घर की तलाशी ली पुलिस के हाथ 1लाख 70 हजार रुपए भी लग गए, पुलिस ने पति पत्नी को हिरासत में ले लिया है, 930 सीसी नशीली कफ सिरप और पैसे, सहित पति-पत्नी को लेकर पुलिस रीवा के विश्वविद्यालय थाने पहुंच गई है।

उनसे पूछताछ कर रही है, यह नशीली कफ सिरप वह कहां से लाते थे, कितने समय से कर रहे हो,इस धंधे में और कौन-कौन शामिल है।पुलिस अब इनके माध्यम से पूरी चैन को खोजने का काम कर रही है, पुलिसमान कर चल रही है, इनसे पूछताछ करने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
हमने नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक से पति-पत्नी की गिरफ्तारी और नशीली कफ सिरप को लेकर बात की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया पकड़े गए आरोपी विनय दीपांकर का पुराना आपराधिक रिकार्ड भी है। इसके माध्यम से हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, नशीली कफ सिरप कहां से आई थी, इसके पीछे कौन-कौन है।



















































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