Wednesday , 12 August 2026
    रीवा की विभूति ने सरकारी कन्या महाविद्यालय में सैनिटरी पैड, कैल्शियम, आयरन और विटामिन के रैपर्स से 50 गुणा 80 फीट का एक 'मेडिसिन पोर्टल' तैयार किया है।
    Madhya-Pradesh

    रीवा की विभूति ने सरकारी कन्या महाविद्यालय में सैनिटरी पैड, कैल्शियम, आयरन और विटामिन के रैपर्स से 50 गुणा 80 फीट का एक ‘मेडिसिन पोर्टल’ तैयार किया है।

     

     रीवा की विभूति का कमाल शासकीय कन्या महाविद्यालय में 50 बाई 80 फुट का मेडिसिन पोर्टल  तैयार किया सेनेटरी पैड कैल्शियम आयरन विटामिंस की दवाओं के रैपर के साथ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल अब तैयारी लिम्का बुक के लिए रीवा शहर के लड़कियों के एकमात्र कॉलेज शासकीय कन्या महाविद्यालय में बने नवीन ऑडिटोरियम में स्केच आर्टिस्ट विभूति मिश्रा द्वारा 50 बाई 80 फुट का मेडिसिनल पोट्रेट तैयार किया गया है जिसे बनाने में उसे वह उसके दो सहयोगियों को 2 दिन का वक्त लगा इसके पूरे निर्माण में सेनेटरी नैपकिन कैल्शियम आयरन व विटामिन की टेबलेट का उपयोग किया गया है

    खास बात यह है कि छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन की उपयोगिता के साथ-साथ खून की कमी जैसे गंभीर विषय पर जागृत करना किसका मुख्य उद्देश्य था वहीं इस पोट्रेट में प्रयोग की गई सारी दवाइयां और नैपकिन उन्हें वितरित की जाएगी जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जाएगा कि अब जमाना बदल रहा है आप भी इससे समाज और इसके उपयोग में आगे आइए। सेनेटरी नैपकिन कैल्शियम विटामिन मिनरल्स के साथ तैयार किया गया या पोट्रेट ना केवल भारत बल्कि एशिया में सबसे बड़ा माना जा रहा है इस कार्य में स्केच आर्टिस्ट विभूति मिश्रा के अलावा नीरज कुमार विकास वर्मा ने भी मदद की इसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल कर लिया गया है अब भेजा जा रहा है  लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए इस पोट्रेट को देश का सबसे बड़ा पोट्रेट का दर्जा भी मिल सकता है 

    इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल होने के साथ-साथ ये अब तक की विशेषकर मेडिसिनल पोट्रेट है जो एशिया में सबसे बड़ी है इस पोट्रेट में लगभग 6000 सेनेटरी नैपकिन 10000 आयरन 20000 कैल्शियम व मल्टीविटामिन गोलियों के स्क्रिप्ट लगाए गए हैं जिन्हें जल्द ही जिला प्रशासन के सहयोग से उन बच्चियों को वितरित किया जाएगा जिन्हें वाकई में इसकी जरूरत है ऐसी कमजोर बच्चियों में इसे बांटा जाएगा विभूति मिश्रा के इस कदम की चारों और सराहना हो रही है जहां आज के आधुनिक युग में भी सेनेटरी नैपकिन कि लोग खुलेआम बात नहीं करते हैं उसका सार्वजनिक प्रयोग करके वह अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब भी रही विभूति का यह कदम खासतौर से उन बच्चियों के बेहतर काम आएगा जो दुकानों में जाकर सेनेटरी नैपकिन मांगने में संकोच करती थी उन्हें लगेगा यह आम जरूरत की वस्तु है इस में संकोच नहीं करना चाहिए साथ ही गरीब बस्तियों में आयरन कैल्शियम विटामिंस की गोलियां बांटने से बच्चियों में कुपोषण भी दूर होगा 


    Written by
    Zeeshan Javed

    Zeeshan Javed is a Rewa-based journalist covering crime and public issues. He reports on local developments with a focus on verified and factual news.

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