कांग्रेसियों ने विवेकानंद पार्क से बाबा साहब के स्टैचू तक रैली निकाली, प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की
अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान के खिलाफ पूरे देश के साथ रीवा में भी कांग्रेसी गुस्से में नजर आए, उन्होंने रीवा के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय के पास स्थित विवेकानंद प्रतिमा के पास से बाबा साहब के स्टैचू तक रैली निकाली, जमकर नारेबाजी की, प्रधानमंत्री की इस्तीफा की मांग की, कांग्रेसियों का कहना था, हिमाचल में जिस तरीके से खड़गे जी के भाषण के बाद उसे मंच को धोया गया, यह सरासर दलितों का अपमान है

, यह सरकार ना लोकतंत्र का सम्मान करती है, ना दलित का सम्मान करती है, ना ही संविधान का सम्मान करती है, खड़गे जी की सभा के बाद उस मंच को धोना, यह दिखता है, सरकार दलित विरोधी मानसिकता वाली है, दलित विरोधी मानसिकता भाजपा सरकार के अंदर कूट-कूट कर भरी हुई है।

कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षराजेंद्र शर्मा हाथ में संविधान की पुस्तक लेकर आए थे, पुस्तक को दिखाते हुए उन्होंने कहा यह केवल खड़गे जी का अपमान नहीं है, यह लोकतंत्र का अपमान है, बाबा साहब के संविधान का अपमान है, इस देश के हजारों करोड़ों लोगों का अपमान है, सरकार मर्यादा संस्कृति भूल चुकी है, तानाशाही कर रही है इसकी जितना निंदा की जाए कम है।
वहीं दूसरी और रैली की अगुवाई कर रहे पूर्व राज्यसभा सदस्य
राजमणि पटेल ने तो भारतीय जनता पार्टी को घेरने के साथ प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग कर डाली। उनका कहना था हिमाचल की घटना साफ तौर से इस बात की और इशारा करती है, भारतीय जनता पार्टी पूरी की पूरी दलित विरोधी है, दलित विरोधी काम करती है, भाषण देने के बाद मंच को धोना यह मामूली घटना नहीं है।

पिछले कुछ दिनों से लगातार जिस तरीके से केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने का काम किया जा रहा है। इस तरीके के नजारे पिछले 12 साल में कभी नजर नहीं आए थे पहले दिल्ली में जंतर मंतर में लंबे समय तक छात्र आंदोलन सरकार बैकफुट पर नजर आई उसके बाद हिमाचल की यह घटना एक बार फिर भाजपा सरकार कटघरे में हालांकि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सदन में भी इस बात की निंदा की, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जल्दी छोड़ना नहीं चाहती, आज का धरना प्रदर्शन इसी और इशारा करता है।



















































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