रीवा शहर के फुटपाथ पर गाड़ियों और ठेलों का कहर: पैदल चलने वालों की मुश्किल बढ़ गई
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रीवा शहर के फुटपाथ पर गाड़ियों और ठेलों का कहर: पैदल चलने वालों की मुश्किल बढ़ गई

Vehicles and pushcarts wreak havoc on Rewa city's footpaths: Pedestrians face increased difficulties.

REWA TODAY DESK | रीवा शहर के फुटपाथ अब पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर फुटपाथ पूरी तरह से गाड़ियों और ठेलों के अतिक्रमण में चले गए हैं। पैदल चलने वाले अब फुटपाथ पर नहीं, सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जो उनकी जान के लिए जोखिम है।

समस्या की गहराई: फुटपाथ कितना बचा?

रीवा में मास्टर प्लान बनाया गया था और कुछ स्थानों पर फुटपाथ भी बनाए गए, लेकिन निगम प्रशासन की उदासीनता से वे अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए। शहर में ऐसा कोई भी फुटपाथ नहीं बचा है, जहां लोगों को पैदल चलने का अवसर मिल रहा हो ।

सबसे बुरा प्रभावित मार्ग:

मार्गस्थिति
चोरहटा से रतहराफुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमित
विंकट मार्ग (जयस्तंभ से बिछिया)गाड़ियों और ठेलों से ढका
सिरमौर चौराहा से अस्पताल चौक अमहिया मार्गपैदल चलने की जगह नहीं
विश्वविद्यालय मार्गठेले और गाड़ियों से जाम
सिरमौर चौक से बोदा रोडअतिक्रमण से बंजर
जयस्तंभ से घोघर मार्गफुटपाथ उपयोग में नहीं
फोर्ट रोडठेलों का कहर
कलामंदिर मार्गगाड़ियों से जाम
मार्टण्ड स्कूल मार्गफुटपाथ खराब
धोबियाटंकी से पीटीएस मार्गअतिक्रमण से मुक्त नहीं

पैदल यात्रियों की दुर्दशा: रात-दिन सड़क पर चलना

“हम फुटपाथ पर चलते तो गाड़ियां आती हैं, ठेले रास्ता रोकते हैं। अब हमें सड़क पर चलना पड़ता है। अंधेरे में तो जान को खतरा है,” – एक पैदल यात्री

शहर के मुख्य मार्गों पर फुटपाथ का बुरा हाल है:

  • ठेले : फुटपाथ पर लगातार ठेले लगे हैं, जो रास्ता रोकते हैं
  • गाड़ियों का अवस्था: दुकानदार और निवासी अपनी गाड़ियां फुटपाथ पर खड़ी करते हैं
  • नालियों का गंदा पानी: कुछ फुटपाथ पर नालियों का गंदे पानी बह रहा है
  • टूटी पाइपलाइन: टूटी पाइपलाइन से निकलते पानी से फुटपाथ खतरनाक हो चुका है

सड़क हादसे: फुटपाथ की वजह से लोग मारे जा रहे हैं

रीवा में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें फुटपाथ की कमी एक बड़ी वजह है:

मॉडल हादसे:

  • 14 जुन 2026: रीवा-सीधी मार्ग पर महसांव रेडियो स्टेशन के पास भीषण हादसा, गाय की मौत, दो छात्र गंभीर घायल
  • दिसंबर 2024: सिविल लाइन थाना अंतर्गत तेज रफ्तार पिकअप ने अधेड़ को टक्कर मार दी, घायल आधे घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे
  • मई 2026: बजरंग नगर गेट के सामने दो कारों की जोरदार भिड़ंत, एक वाहन पलटा, एक घायल

पैदल यात्रियों को फुटपाथ पर चलने की जगह नहीं मिलने से वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जो उनकी जान के लिए जोखिम है।

निगम की उदासीनता: विकास का दावा, अतिक्रमण की भेंट

रीवा में मास्टर प्लान बनाया गया था, लेकिन निगम प्रशासन की उदासीनता से फुटपाथ अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए

निगम की कमियां:

  1. अतिक्रमण हटाना नहीं: फुटपाथ पर लगे ठेले और गाड़ियां नहीं हटाई जाती
  2. निर्माण नहीं: नए फुटपाथ नहीं बनाए जा रहे
  3. सफाई नहीं: फुटपाथ पर गंदा पानी और कचरा नहीं हटाया जाता
  4. नियंत्रण नहीं: दुकानदारों और निवासियों को फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने से नहीं रोका जाता

पैदल यात्रियों के जोखिम: जान का खतरा

फुटपाथ पर पैदल चलने की जगह नहीं मिलने से:

  • सड़क पर चलना मजबूर: पैदल यात्रियों को वाहनों के बीच चलना पड़ता है
  • अंधेरे में खतरा: रात में सड़क पर चलना जान को खतरा
  • ** हादसों में वृद्धि**: सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, पैदल यात्रियों की मौत
  • वृद्ध और बच्चों को मुश्किल: वृद्ध और बच्चों को सड़क पर चलना बहुत मुश्किल

समाधान: क्या करना चाहिए?

निगम प्रशासन के लिए:

  1. अतिक्रमण हटाएं: फुटपाथ पर लगे ठेले और गाड़ियां तुरंत हटाएं
  2. नए फुटपाथ बनाएं: शहर के मुख्य मार्गों पर नए फुटपाथ बनाएं
  3. सफाई करें: फुटपाथ पर गंदा पानी और कचरा हटाएं
  4. नियंत्रण लगाएं: दुकानदारों और निवासियों को फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी करने से रोके

पैदल यात्रियों के लिए:

  1. सिकायत करें: निगम और पुलिस में सिकायत करें
  2. सामाजिक दबाव: समाज में दबाव बनाएं
  3. सोशल मीडिया: सोशल मीडिया पर समस्या उठाएं

स्थानीय लोगों की आवाज़

“हमारे बच्चे स्कूल जाते हैं, फुटपाथ पर नहीं, सड़क पर चलते हैं। निगम को अब कार्रवाई करनी चाहिए,” – एक माता

“दुकानदार फुटपाथ पर ठेले लगाते हैं, गाड़ियां खड़ी करते हैं। हम फुटपाथ पर नहीं चल सकते। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए,” – एक व्यापारी

फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित हों

रीवा शहर के फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। निगम प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाएं, नए फुटपाथ बनाएं, सफाई करें।

पैदल यात्रियों की जान का खतरा है। फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित हों, यह निगम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

रीवा शहर के फुटपाथ पर गाड़ियों और ठेलों का कहर। पैदल चलने वाले सड़क पर चलने को मजबूर। निगम की उदासीनता से फुटपाथ अतिक्रमण। जान का खतरा।

Written by
Zeeshan Javed

Zeeshan Javed is a Rewa-based journalist covering crime and public issues. He reports on local developments with a focus on verified and factual news.

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