2 महीने में तीसरी बड़ी सस्पेंशन, सेमरिया थाना स्टाफ निलंबित
रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। बीते दो महीनों में तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए इस बार सेमरिया थाने के थाना प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर और आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक गंभीर मामले में आरोपी को पकड़कर बिना कानूनी प्रक्रिया के छोड़ने के आरोप में की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने NDPS Act की धाराओं के तहत दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। आरोप है कि आरोपियों को थाने लाने के बाद न तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया और न ही कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। करीब 6 घंटे तक थाने में बैठाने के बाद उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में छोड़ दिया गया।
इस मामले में थाना प्रभारी विकास कपिश, सब-इंस्पेक्टर रामयश रावत और आरक्षक सुजीत शर्मा पर गंभीर लापरवाही और कथित सांठगांठ के आरोप लगे हैं।
जांच के बाद बड़ा एक्शन
मामले के सामने आते ही गौरव राजपूत (आईजी, रीवा रेंज) ने तुरंत जांच के आदेश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया लापरवाही और गड़बड़ी सामने आई।
इसके बाद शैलेन्द्र सिंह (पुलिस अधीक्षक, रीवा) ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी कार्रवाई
रीवा जिले में हाल के दिनों में पुलिस महकमे पर लगातार कार्रवाई हो रही है:
- मऊगंज क्षेत्र में महिला के जेवरात रखने के मामले में थाना प्रभारी और स्टाफ निलंबित
- रायपुर कर्चुलियान में लग्जरी वाहन चालक पर केस दर्ज न करने पर टीआई सस्पेंड
इन कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहा है कि वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रहे हैं।
‘कोरेक्स सिटी’ की छवि बदलने की कोशिश
रीवा को पहले ‘कोरेक्स सिटी’ के रूप में भी जाना जाता रहा है। आईजी गौरव राजपूत ने हाल ही में सभी पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद से NDPS मामलों में सख्ती बढ़ी है और लगातार कार्रवाई की जा रही है।
क्या आगे और कार्रवाई संभव?
सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। यदि सांठगांठ या अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
रीवा पुलिस द्वारा की जा रही लगातार सस्पेंशन कार्रवाई यह दर्शाती है कि अब NDPS जैसे गंभीर मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेमरिया थाना मामला पुलिस विभाग के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।



















































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