75% बैंक ऋण, 5% ब्याज अनुदान और लाखों की सब्सिडी के साथ पशुपालकों के लिए सुनहरा अवसर
Rewa Today Desk : जिले में डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पशुपालन विभाग के उप संचालक के अनुसार, इस योजना के तहत लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 75 प्रतिशत बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि स्वयं निवेश करनी होती है। साथ ही, हितग्राहियों को 7 वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाता है।
योजना के लिए पात्रता
- कम से कम 5 दुधारू पशु होना अनिवार्य
- न्यूनतम 1 एकड़ कृषि भूमि आवश्यक
- पशुओं की संख्या बढ़ने पर भूमि का अनुपात भी बढ़ेगा
इकाई लागत का विवरण
🔹 5 पशुओं की इकाई
- भैंस: ₹4,25,000
- शंकर नस्ल की गाय: ₹3,82,000
- देशी गाय: ₹2,43,750
🔹 10 दुधारू पशुओं की इकाई
- भैंस: ₹8,40,000
- शंकर गाय: ₹7,51,000
- देशी गाय: ₹4,75,000
अनुदान और सब्सिडी
- सामान्य वर्ग:
- 25% तक मार्जिन मनी
- अधिकतम ₹1,25,000
- अनुसूचित जाति / जनजाति:
- 33% तक मार्जिन मनी
- अधिकतम ₹2,00,000
- ब्याज अनुदान:
- 5% वार्षिक
- अधिकतम ₹25,000 प्रति वर्ष
कैसे करें आवेदन?
योजना के अंतर्गत आवेदन पशुपालन विभाग द्वारा तैयार कर बैंकों को भेजे जाते हैं। बैंक से स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थी को इकाई लागत के अनुसार ऋण राशि प्रदान की जाती है।
जिले में दिख रहा सकारात्मक असर
इस योजना का लाभ उठाकर जिले के कई पशुपालक सफलतापूर्वक डेयरी यूनिट संचालित कर रहे हैं और अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना डेयरी व्यवसाय शुरू करने या विस्तार करने के इच्छुक पशुपालकों के लिए एक लाभकारी और कम जोखिम वाला विकल्प बनकर उभर रही है।
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