जिन्होंने लोकतंत्र रौंदा वह लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं नरोत्तम मिश्रा
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Rewa Today : जिन्होंने लोकतंत्र रौंदा वह लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं नरोत्तम मिश्रा

Rewa Today Desk : 25 जून 1975 देश के इतिहास का काला अध्याय जब देश में इमरजेंसी की घोषणा तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के कार्यकाल में की गई थी। उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी, इंदिरा गांधी रायबरेली से राज नारायण से चुनाव हार गई थी। देश में लगभग 100000 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। आज 51 साल बाद भी वह जख्म हरे हैं। प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा आज रीवा में थे, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में आपातकाल से संबंधित एक पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, पत्रकारों से बात करते हुए इमरजेंसी को लेकर कई तरीके के सवाल उठाए।


क्या कहा नरोत्तम मिश्रा ने


प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना था,इमरजेंसी एक घटना नहीं थी, इमरजेंसी एक विचार था, नेहरू गांधी परिवार का विचार ,कांग्रेस का विचार, वह विचार जो लोकतंत्र की हत्या का विचार था,तानाशाही का विचार था,वह विचार जो संविधान से अपने को ऊपर समझने का था, वह विचार जो प्रेस की स्वायत्तता को खत्म करने का था, यह कहना था प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का ।


आपातकाल की यादों को लेकर पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया


प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रीवा के भाजपा कार्यालय में आपातकाल के 51 साल पूरे होने पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। जिसमें पोस्टर बैनर के माध्यम से आपातकाल में घटी घटनाओं को दिखाया गया था, पोस्टर बैनर के माध्यम से बताया गया था, आपातकाल में किस तरीके से लोकतंत्र का गला घोटा गया था, लोकतंत्र सेनानियों को जेल के अंदर बंद किया गया था।


कांग्रेस को निशाने में लिया, राहुल गांधी को 16 बार संविधान तोड़ने वाला बता डाला


प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लोकतंत्र पर बोलते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उनका कहना था,तिलक ,गांधी, गोखले, आजादी लेकर आए थे। उसके बाद लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र बचाने की आजादी की लड़ाई लड़ी। इमरजेंसी के समय जेल में बंद लोग अपने परिवार से नहीं मिल सकते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए राजनाथ सिंह की बात कही, उनकी मां के मौत के बाद उन्हें मिलने नहीं दिया गया था। पूर्व गृहमंत्री यही नहीं रुके उनका कहना था, कांग्रेस ने केवल संविधान तोड़ा मरोड़ा ही नहीं,31 बार इंदिरा गांधी ने संविधान तोड़ा, 16 बार राहुल गांधी ने, आज उन्हीं का बेटा राहुल गांधी एक किताब लेकर घूमता है, वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम भूल गए राजीव गांधी की जगह उन्होंने राहुल गांधी को ही निशाने पर रखा। जिसने लोकतंत्र को रौंदा, वह लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं, अचंभा इसी बात का है।

Written by
Zeeshan Javed

Zeeshan Javed is a Rewa-based journalist covering crime and public issues. He reports on local developments with a focus on verified and factual news.

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