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मध्य प्रदेश कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा, बगैर आधार के कर दिया गया निरस्त-कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा

The nomination papers of Madhya Pradesh Congress Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan were rejected without any valid grounds – Congress District President Rajendra Sharma.


कांग्रेस पार्टी की मध्य प्रदेश की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का परिचय निरस्त होने के बाद कांग्रेस लगातार आक्रामक मुद्रा में है। रीवा में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और शहर अध्यक्ष झब्बू पटेल ने पत्रकार वार्ता के दौरान कई सवाल उठाए उनका कहना था, मीनाक्षी नटराजन का परिचय निरस्त होना,निष्पक्ष चुनाव ,लोकतांत्रिक प्रतिक्रिया, संवैधानिक मूल्यों पर भी, सवाल उठता है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना, देश के लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है

, यह केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय का मामला नहीं है,कांग्रेस का कहना है कि जिस प्रकार की आपत्तियों और व्याख्याओं के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया, उसने पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।कांग्रेस नेतृत्व लगातार यह प्रश्न उठा रहा है कि क्या चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप संचालित होगी या राजनीतिक दबावों के अनुरूप? जनता भी इस तरीके की बातों को देख रही है, जान रही है, समझ रही है।

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि तेलंगाना के जिस मुद्दे को आधार बनाकर मीनाक्षी नटराजन का परिचय निरस्त किया गया है, उसको ध्यान से देखिए तब आपके समझ में आएगा, पर्चा निरस्त करते समय निजी परिवाद का उल्लेख किया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। प्रतिवादी और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है।

लेकिन मीनाक्षी नटराजन का परिचय निरस्त कर दिया गया इसी को आधार बनाकर। पर्चा निरस्त करते समय,दोनों को समान मानकर की गई व्याख्या गंभीर कानूनी प्रश्न उत्पन्न करती है। कानून के जानकारों का साफ तौर से मानना है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A और फॉर्म-26 की व्यवस्था का उद्देश्य उन आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त करना है, जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्यवाही चल रही हो तथा कानून के अनुरूप आवश्यक प्रकटीकरण अपेक्षित हो।

कांग्रेस का मत है कि जिस आधार को नामांकन निरस्त करने का कारण बनाया गया, वह इन प्रावधानों की भावना और व्याख्या से मेल नहीं खाता। राजेंद्र शर्मा का कहना था कि यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन को ऐसे आधारों पर निरस्त किया जाता है, जिनकी स्पष्ट अपेक्षा नामांकन प्रपत्र में नहीं है, तो यह भविष्य में किसी भी उम्मीदवार के लिए अनिश्चितता और मनमानी की स्थिति पैदा कर सकता है।लोकतंत्र की आत्मा प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष चुनाव में निहित है।

यदि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को तकनीकी और विवादित आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर किया जाने लगे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर आघात पहुंचेगा। कांग्रेस ने कहा की मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश की जनता को आश्वस्त करती है कि संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।लोकतंत्र केवल चुनाव से नहीं चलता, बल्कि निष्पक्ष चुनाव से चलता है। भारतीय जनता पार्टी को इस बात को समझना होगा। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक मुद्रा में है, वह भारतीय जनता पार्टी को लगातार सड़कों पर घेरने में लगी हुई है। आम आदमी तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

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