मध्यप्रदेश के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा बजट - उप-मुख्यमंत्री शुक्ल
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MP के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा बजट – उप-मुख्यमंत्री


प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित बजट के लिए व्यक्त किया आभार

Rewa Today Desk उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल व दक्ष नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था में निरंतर विस्तार हो रहा है। भारत आज विश्व 5 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल
नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपना योगदान सुनिश्चित कर रही है। यह प्रसन्नता का विषय है कि, वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में विगत वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। यह बजट मध्यप्रदेश के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा विकास की गति को तेज़ करेगा। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने सर्व जनहिताय, विकासोन्मुख बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का आभार व्यक्त किया है।


कुशल वित्तीय प्रबंधन से हर क्षेत्र में संसाधन की उपलब्धता – उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश के समग्र विकास हेतु हर क्षेत्र में संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। शिक्षा व स्वास्थ्य, युवा और महिला सशक्तिकरण, सामाजिक उत्थान, अधोसरंचनाओं का विस्तार, रोजगार-स्वरोजगार के अवसर, औद्योगिक विकास आदि के साथ-साथ पर्यावरण, संस्कृति के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधनों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा है कि बजट, प्रदेश को विकसित बनाने के प्रयासों को और अधिक सफल व परिणामजनक बनाएगा।


स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 34 प्रतिशत वृद्धि – उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सशक्त विकसित प्रदेश के लिए नागरिकों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। इसे प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए वर्ष 2024-25 हेतु रूपये 21 हजार 444 करोड़ का प्रावधान किया है, जो कि वर्ष 2023-24 के बजट अनुमान से 34 प्रतिशत अधिक है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश को निरंतर बढ़ा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिए इण्डियन पब्लिक हेल्थ स्टेण्डर्ड के मापदंडों को लागू किया जा रहा है। सरकार ने 46 हजार से अधिक नवीन पदों का सृजन किया गया है। आगामी 2 वर्षों में इन पदों की पूर्ति के प्रयास हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुंच हो, इसलिए संस्थागत व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया है।

आगामी वर्षों में 11 नये शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय होंगे संचालित – उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय के लिए चिकित्सकीय मैन पॉवर की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। प्रदेश में वर्ष 2003 में मात्र 5 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ही संचालित थे। सरकार के अथक प्रयासों से वर्तमान में 14 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं।

वर्ष 2024-25 में 3 और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय -मंदसौर, नीमच एवं सिवनी में संचालित हो जायेंगे। इसके पश्चात आगामी 2 वर्षों में 8 और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संचालित करने हेतु भी हमारी सरकार प्रयासरत है। नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन के उपरांत नवीन सीटों की संख्या स्नातक स्तर पर 3 हजार 605 एवं स्नातकोत्तर स्तर पर एक हजार 507 हो जायेंगी।

आयुष्मान योजना का दायरा विस्तृत

योजना के लिए 45 प्रतिशत से अधिक बजट प्रावधानित – उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सभी नागरिकों तक
बेहतर चिकित्सा सुविधा के दृष्टिगत आयुष्मान भारत योजना का दायरा और भी अधिक विस्तृत किया है। अब तक
लगभग एक करोड़ 8 लाख परिवारों के 4 करोड़ एक लाख सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान हितग्राहियों के लिये नवीन हेल्थ बेनिफिट पैकेज–2022 लागू किया गया है, जिसमें पूर्व की एक हजार 670 चिकित्सा प्रक्रियाओं को विस्तारित करते हुये अब एक हजार 952 प्रक्रियाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभांवित किया जा रहा है। राज्य में अब एक हजार से भी अधिक चिकित्सालय योजना के अंतर्गत संबद्ध हैं। आयुष्मान भारत योजना के लिए रूपये एक हजार 381 करोड़ का प्रावधान है, जो गत वर्ष की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है।


हर नागरिक तक निःशुल्क जाँच सेवा के प्रयास – प्रदेश के शासकीय चिकित्सालयों में उपचार के दौरान दुर्भाग्य से
मृत्यु हो जाने पर पार्थिव शरीर, परिजनों को सम्मानपूर्वक सौंप कर, घर तक पहुंचाने के लिये ”मध्यप्रदेश शांति
वाहन सेवा” प्रावधानित है। गंभीर रोगियों को आपात स्थिति में उचित समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा उपचार
उपलब्ध कराने हेतु ”पी.एम. श्री एअर एम्बुलेंस सेवा” योजना प्रारंभ की गई है। राज्य के नागरिकों को निःशुल्क
जाँच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी-भागीदारी के माध्यम से “वेट लीज मॉडल” अंतर्गत जिला चिकित्सालयों
में 132 प्रकार की, तथा “हब एण्ड स्पोक मॉडल” के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 45 प्रकार की जाँच सुविधायें उपलब्ध
करायी गई हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट और सहजता से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार कृत-
संकल्पित है।

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