Saturday , 29 August 2026
    When the youth joined the Congress, the winds of change began to blow.
    Madhya-Pradesh

    कांग्रेस जब जुड़े युवा तब बदले हवा के साथ देश के युवाओं को जोड़कर एनडीए सरकार को घेरने की बना रही रणनीति लेकिन कैसे

    When the youth joined the Congress, the winds of change began to blow

    Rewa Today Desk : जब जुड़े युवा हवा बदले ,रीवा जिला कांग्रेस कमेटी ने युवाओं के साथ इस स्लोगन के साथ गुंज कार्यक्रम किया। युवाओं के साथ संवाद किया,2014 के बाद जब से केंद्र में एनडीए की सरकार आई है, उसके कार्यकाल के 148 परीक्षा घोटाले का जिक्र किया, कांग्रेसियों का कहना था, जिसमें 70% पेपर लीक मामले केवल 6 से 7 स्टेट के हैं ,जिसमें से 99% पर एनडीए की सरकार है, केंद्र में तो सरकार है ही। कांग्रेस इन दिनों युवाओं को आगे रखकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।


    पेपर लीक मामले को बना रही मुद्दा


    कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की मोहन सरकार को नई रणनीति के साथ घेरने का प्रयास कर रही है। इसके लिए उसने युवाओं को चुना है। जिस तरीके से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, उसको लेकर आज देश का युवा बेहद गुस्से में है, नीट जैसी परीक्षा, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में होने के बावजूद निरस्त हो गई।जिसके चलते परीक्षा देने वाला युवा आज बेहद गुस्से में है। कांग्रेस इसी का फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी के रीवाके जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा कहते हैं। केंद्र में मोदी सरकार जब से आई है, पेपर लिखकर 148 मामले निकालकर सामने आए हैं, जिसमें से 100 से ज्यादा मामले यानी की 70% से भी ज्यादा उन प्रदेशों के हैं, जहां पर बीजेपी की सरकार है। किसी जमाने में सीबीआई की बड़ी चर्चा होती थी,

    सीबीआई ईमानदारी के लिए जानी जाती थी, सीबीआई ने उन दिनों महाराष्ट्र में पुलिस भर्ती घोटाले में जांच की थी, और एक डीआईजी को भी सजा दिलवाई थी। मोदी सरकार ने सीबीआई को 15 से ज्यादा कैस दिए हैं ,लेकिन एक में भी जांच पूरी नहीं हो पाई। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, हम भारत को विश्व गुरु बनाएंगे, राजेंद्र शर्मा सवाल उठाते हैं लेकिन कैसे, आज देश में 65% युवा है, आज युवा कुंठा से ग्रस्त है, युवा परीक्षा की तैयारी तो करता है, परीक्षा देता भी है, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से परीक्षा कैंसिल हो जाती है।


    युवा आत्महत्याकर रहा

    गरीब परिवार का युवा बड़े मुश्किल से परीक्षा की तैयारी करता है। इसके लिए उसके परिजन एक वक्त का खाना खाते हैं।उन्हें उम्मीद रहती है बेटा पढ़ लिख लेगा तो घर की स्थिति बदल जाएगी। बेटा पढ़ता भी है, परीक्षा भी देता है, लेकिन परीक्षा कैंसिल हो जाती है। उसके बाद खास तौर से मिडिल क्लास और गरीब परिवार के बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं, उनको लगता है पेपर अच्छा गया था,मेरा कुछ हो सकता था,लेकिन परीक्षा कैंसिल होने की वजह से दोबारा न जाने मेरा पेपर कैसा जाए, आखिर घर का खर्च कैसे चलेगा, ऐसा कब तक होगा, जिसके चलते वह डिप्रेशन में चला जाता है, और आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेता है।

    आखिर युवाओं का सवाल है, ऐसा कब तक चलेगा, हमारे देश का युवा समाज को आगे ले जाने वाला युवा, आज कुंठा की वजह से आत्महत्या कर रहा है, राजेंद्र शर्मा उन युवाओं से अपील भी करते है,वह आत्महत्या जैसा कदम ना उठाएं, बल्कि कुंठा से बाहर निकले। ऐसे लोगों के खिलाफ सड़क पर आये,जो लोग उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जो लोग उनके लिए गलत कर रहे हैं ,उनके खिलाफ आंदोलन करें, राजेंद्र शर्मा युवाओं के पेरेंट्स से भी अपील करते हैं ,बच्चों को ना रोके, यह उनके भविष्य का सवाल है ,कहते हैं जब जुड़े युवा बदले हवा।

    Written by
    Zeeshan Javed

    Zeeshan Javed is a Rewa-based journalist covering crime and public issues. He reports on local developments with a focus on verified and factual news.

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