Sunday , 13 September 2026
    Sindhi samaj
    Rewa

    देश की आजादी के लिए बलिदान होने वाले हेमू कालानी, याद किए गए रीवा में.

    Hemu Kalani, who sacrificed his life for the country's independence, was remembered in Rewa.

    युवाओं ने ली देशसेवा की शपथ.

    Rewa Today Desk :भारतीय सिंधु सभा युवा शाखा, पूज्य सिंधी सेंटर पंचायत रीवा एवं युवा सिंधी समाज के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में याद किए गए स्वतंत्रता के आंदोलन में अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले हेमू कलानी रीवा के स्वागत भवन चौराहे जिसे अब हेमू कालाणी चौक का नाम दे दिया गया है पर स्थित हेमू कालानी प्रतिमा स्थल पर यहां पर आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.आजादी आंदोलन में अपना सर्वस्व कुर्बान करने वाले हेमू कालानी का बलिदान दिवस देश भर में श्रद्धा के साथ मनाया गया कुछ ऐसा किया गया रीवा में भी रीवा के हेमू कलानी चौक में भी इस उपलक्ष्‍य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

    क्या कहा सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष ने

    सिंधी सेंट्रल पंचायत रीवा के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने, हेमू कालानी के दिखाए रास्‍ते पर चलने का संकल्‍प लेते हुए, देश के प्रति समर्पित भाव से काम करने की शपथ मौजूद सभी लोगों को दिलाई. उन्होंने कहा, आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं. हेमू कलानी जैसे स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों की वजह से. हेमू कलानी के द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलकर ही आज हम यहां तक पहुंचे हैं.

    भारतीय सिंधु सभा का आयोजन

    भारतीय सिंधु सभा युवा शाखा ने प्रतिमा स्थल पर विशेष समारोह का आयोजन किया. इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश महामंत्री महेश ठारवानी ने हेमू कालानी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला. भारतीय सिंधु सभा रीवा हेमू कालानी बलिदान दिवस के कार्यक्रम की जानकारी भारतीय सिंधु सभा युवा शाखा के प्रदेश सचिव नरेश काली ने दी.

    कैसे लड़ी थी, लड़ाई हेमू कलानी ने, बताया वक्ताओं ने.

    युवा शाखा रीवा के अध्यक्ष शेखर सचदेव सहित कई पदाधिकारियों ने बताया कि हेमू कालानी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं. हेमू कालानी ने आजादी के आंदोलन में सक्रियता से भाग लिया था. सिंध में आंदोलनकारियों को कुचलने के लिए हथियारों से भरी ट्रेन गुजरने वाली थी. ट्रेन को रोकने के लिए हेमू कालानी ने पटरियां उखाड़ दी थीं. अंग्रेज सरकार ने उन्हें साथियों के नाम बताने को कहा। तब हेमू ने फांसी की सजा स्वीकार कर ली लेकिन नाम नहीं बताए. जिस समय उन्हें फांसी दी गई, उस समय उनकी आयु मात्र 19 वर्ष थी. मात्र 19 साल की आयु में ही देश की आजादी के लिए सोचना और अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस नौजवान बलिदानी के प्रति देश हमेशा कृतज्ञ रहेगा.

    यह रहे मौजूद

    इस अवसर पर सिन्ध समाज के शंकर साहनी चंदीराम केसवानी दादा संतु लाल आहूजा, हुकूमत राय होतवानी, कन्हैयालाल मंगलानी, दुलीचंद हंसपलानी अशोक मंजानी पप्पू, नन्दलाल कोटवानी रमेश कुंजवानी कमलेश सचदेव, कैलाश कोटवानी नरेश छुगानी (नारू) जयराम गंगवानी,मदन मनोहर कटारिया हासानन्द तनवानी श्रीचंद कोटवानी, गिरधारी गंगवानी मनोज तनवानी दक्ष चुंगवाणी, , संजय चावला गुलाब नागपाल, किशोर चेलानी प्रकाश शिवनानी लक्ष्मण शिवनानी घनश्याम दास काकवानी किशोर वाधवानी, मुकेश हीरवानी दिलीप आसनानी, वीरेंद्र चूंगवानी अशोक रोहड़ा सतीश सुन्दरानी,राजा आहूजा, चंदू खुसलानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक एवं युवा साथी उपस्थित थे. आभार प्रदर्शन युवा शाखा के अध्यक्ष शेखर सचदेव ने किया.

    Leave a comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Related Articles

    Deputy CM Rajendra Shukla visited the Basaman Mama Bovine Wildlife Sanctuary and took stock of the waterlogging situation.
    Rewa

    बसामन मामा गौवंश वन्य विहार पहुंचे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, जलभराव का लिया जायजा

    गौवंश की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश,...

    Rewa

    अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे जी के अपमान को लेकर

    कांग्रेसियों ने विवेकानंद पार्क से बाबा साहब के स्टैचू तक रैली निकाली,...

    Rewa

    रीवा में सड़क चौड़ीकरण के लिए चला निगम का बुलडोजर

    करहिया से ढेकहा तक 13 दुकानों पर कार्रवाई, 1 दीवार ढहाई, विरोध...

    IndiaRewa

    Rewa Today: आज की 5 बड़ी खबरें | 24 जुलाई 2026

    रीवा में एक्शन का दिन: नशे में हंगामा करने वाला प्रधान आरक्षक...