अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस 2026: प्रवासी श्रमिकों की मेहनत से मजबूत हो रही दुनिया की अर्थव्यवस्था
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अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस 2026: प्रवासी श्रमिकों की मेहनत से मजबूत हो रही दुनिया की अर्थव्यवस्था

International Day of Family Remittances 2026: The global economy is being strengthened by the hard work of migrant workers.


हर वर्ष 16 जून को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस (International Day of Family Remittances) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य उन करोड़ों प्रवासी श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना परिवार को एक दूसरे के साथ मिल जुल कर रहना चाहिए एक दूसरे का सपोर्ट करना चाहिए जो अपने परिवारों की बेहतर जिंदगी के लिए विदेशों और दूसरे राज्यों में काम करते हुए अपनी आय का एक हिस्सा घर भेजते हैं। इसी कारण वह अपने परिवार से और अपने बीबी बच्चों से भी दूर रहते हैं यह धनराशि, जिसे प्रेषण (Remittances) कहा जाता है, लाखों परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है।


क्या है अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस?


संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) की पहल पर इस दिवस की शुरुआत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि प्रवासी श्रमिकों द्वारा भेजी जाने वाली छोटी-छोटी धनराशि भी परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
परिवारों के लिए जीवनरेखा हैं प्रेषणदुनिया भर में करोड़ों लोग रोजगार की तलाश में अपने घरों से दूर रहते हैं। वे अपनी कमाई का एक हिस्सा नियमित रूप से अपने परिवारों को भेजते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा किया जाता है।


विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक संकट के समय भी प्रेषण की यह व्यवस्था परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा साबित होती है। कई विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।


भारत की अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका


भारत लंबे समय से दुनिया में सबसे अधिक प्रेषण प्राप्त करने वाले देशों में शामिल रहा है। खाड़ी देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य देशों में कार्यरत भारतीय नागरिक हर वर्ष बड़ी मात्रा में धनराशि अपने परिवारों को भेजते हैं। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिलती है।


डिजिटल तकनीक ने बढ़ाई सुविधा


पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन मनी ट्रांसफर सेवाओं के विस्तार से प्रेषण भेजने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और सुरक्षित हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञ कम लागत वाली और पारदर्शी प्रेषण सेवाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर देते हैं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इसका लाभ उठा सकें।


प्रवासी श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने का दिन


अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस केवल आर्थिक योगदान को पहचान देने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन प्रवासी श्रमिकों के त्याग, समर्पण और संघर्ष को सम्मानित करने का भी दिन है, जो अपने परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। साथ ही उन्हें खुश हम बेहतर जिंदगी देना चाहते हैं



आज के दौर में परिवार प्रेषण केवल धन का लेन-देन नहीं, बल्कि उम्मीद, जिम्मेदारी और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक बन चुका है। 16 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रवासी श्रमिकों का योगदान समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके प्रयासों से न केवल परिवारों के सपने पूरे होते हैं, बल्कि राष्ट्र के विकास को भी नई गति मिलती है। इस अपने देश की अर्थ व्यवस्था में भी वृद्धि हो रही है

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