भाजपा नेता प्रदीप सहगौरा के भाई शहर के चर्चित ठेकेदार क्रेशर संचालक कृष्णकांत सोहगौरा के घर सुबह सवेरे ईडी की टीम ने दस्तक दी, ईडी की टीम के घर के अंदर पहुंचते ही ठेकेदार कृष्णकांत सहगौरा के भाई भाजपा नेता प्रदीप सहगौरा ने टीम के साथ पहले तो जमकर वाद-विवाद किया, प्रदीप सहारा तमाम तरीके के सवाल उठा रहे थे,उनका कहना था, ऐसे कैसे कोई छापा मारता है,पहले समन देते हैं, पूछताछ करते हैं, उसके बाद यह सब कार्रवाई होती है ।
प्रदीप सहगोरा यह भी कहते नजर आए पहले लोकल पुलिस को बुलाया जाये, तमाम तरीके के विरोध भाजपा नेता प्रदीप सहगौरा ने किया, लेकिन उनका एक भी विरोध काम ना आया, ईडी की टीम ने उनकी एक ना सुनी ।परिजनों का विरोध काम न आया, घर के अंदर जाने को लेकर , फिलहाल ईडी की टीम ठेकेदार कृष्णकांत सहगौरा के घर के अंदर मौजूद है, कागजों की जांच की जा रही है। घर के अंदर से बाहर ना तो किसी को आने दिया जा रहा है, ना ही जाने दिया जा रहा है। सुरक्षा अमला भी घर के बाहर मौजूद है।
पूरा मामला रीवा शहर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित पदमधर कॉलोनी के अंदर का है, जहां शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने शहर की चर्चित ठेकेदार कृष्णकांत सहगौरा के लालता सदन पहुंचकर जांच शुरू की। फिलहाल जो जानकारी मिली है उसके अनुसार ईडी के 4 से 5 सदस्यीय अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
ईडी की टीम भाई के घर पहुंचने की सूचना पाकर भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा भी वहां पर पहुंच गए उन्होंने थोड़ा बहुत प्रतिरोध भी किया जो कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गया। ईडी की कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं है
हालांकि अभी तक ईडी की ओर से कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। टीम घर के भीतर दस्तावेजों की जांच और आवश्यक जानकारी एकत्र करने में जुटी हुई है।
ईडी की जांच को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का सभी को है, छापे के बाद क्या कुछ निकाल कर आता है, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के कारणों का खुलासा हो सकेगा। लेकिन ईडी की टीम का कृष्णकांत सहगौरा के घर के अंदर लंबे समय तक मौजूद रहना, अपने आप में ही तमाम तरीके के सवालों को जन्म दे रहा है।
पहले कांग्रेस बाद में भाजपा के साथ रहे
सहगौरा परिवार की बात की जाए तो इनका साथ हमेशा ही सत्ता के साथ बना रहा है। किसी जमाने में विंध्य के सबसे ताकतवर नेता श्रीनिवास तिवारी के बेहद नजदीक यह परिवार हुआ करता था। बदलते वक्त के साथ श्री निवास तिवारी उनके बेटे सुंदर लाल तिवारी की मौत के बाद, जैसे ही रीवा में कांग्रेस कमजोर हुई, परिवार भारतीय जनता पार्टी में पहुंच गया, जिसके चलते परिवार के रसूख में कोई भी कमी नहींआई।
ठेके ऐसे ही चलते रहे नतीजा, आज सबके सामने है,ईडी की टीम घर के अंदर मौजूद है, क्या कुछ निकाल कर आता है यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल जैसे ही सहगौरा परिवार के घर के अंदर ईडी की टीम पहुंची, यह खबर आग की तरह पूरे मोहल्ले से होती शहर में फैल गई। शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
लोग एक दूसरे से इस खबर में आगे क्या हुआ, यह लगातार जानने की कोशिश करते रहे, छापे में क्या मिला क्या नहीं मिला यह तो वक्त ही बताएगा,लेकिन पार्टी बदलने वालों के लिए, हमेशा सत्ता के साथ ही रहने वालों के लिए,यह एक खतरे का संकेत साफ तौर से माना जा सकता है। ईडी की टीम का लंबे समय तक घर के अंदर रहना, यह बताने के लिए पर्याप्त है, ईडी की टीम कितनी गंभीरता से कितनी सोची समझी रणनीत के तहत काम कर रही है।



















































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